Wednesday, 20 May 2015

मोदी जी, हम आपके PM होने पर शर्मिंदा हैं न कि भारतीय होने पर

दक्षिण कोरिया में NRI भारतीयों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था, " कभी लोग सोचा करते थे कि उन्होंने पिछली जिंदगी में क्या खराब काम किए, जिसकी वजह से वे भारत में पैदा हो गए " इतने में ही नहीं रुके और आगे बोले "पहले लोग भारतीय होने पर शर्म करते थे लेकिन अब आपको देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गर्व होता है. पिछले साल विदेशों में रहे सभी भारतीयों ने सरकार के बदलने की उम्मीद की थी "


इस तरह के भाषण मोदी ने कोई पहली बार नहीं दिये हैं, इससे पहले पिछले साल G20 देशों के सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया गए थे तब वहाँ भी कुछ इसी तरह की आत्ममुग्धता दिखाई थी अपने भाषणों में, लेकिन इतने गिरे हुये बोल नहीं थे । तब NRI भारतीयों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बकौल मोदी " पिछले 30 सालों में भारत में कोई भी दल अपने दम पर सरकार नहीं बना पाया लेकिन नरेंद्र मोदी ने अपने दम पर सरकार बनाकर दिखाई, देश को कांग्रेस ने अपने 50 साल के शासन काल में खड्डे में धकेल दिया ।"
इस तरह की भाषा जब किसी देश का प्रधानमंत्री बोले तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बाकि के देशों में उस देश की क्या छवि बनती होगी । ऐसी भाषा किसी लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देती है । आपको इस कृत्य पर माफ़ी माँगनी चाहिये देश की जनता से और अगर आप में इतना दिमाग नहीं है तो अपने पूर्व PM और आपकी पार्टी के नेता अटल बिहारी वाजपेयी जी से सीखिये जिनसे विदेशी धरती पर कांग्रेस के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि " इस बारे में मैं सिर्फ़ भारत में ही बोलूंगा, ये हमारा आंतरिक मामला है "

शर्मिंदा आप नहीं बल्कि अटलजी‬ थे सन् 2002 में,  आपकी वजह से, गुजरात दंगों की वजह से !
उन्हें दंगों के अगले हफ़्ते विदेश जाना था, तब उन्होंने कहा था अब मैं क्या मुंह लेकर जाऊंगा विदेश ? उनकी शर्मिंदगी का 'कारण' उनका भारत में जन्मना नहीं था, बल्कि वह व्यक्ति था जो आज दुनिया भर में घूम-घूम कर अपमानित कर रहा है देश को!
इस पुरे विवाद से ट्विटर पर #ModiInsultsIndia वर्ल्ड वाइड टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया क्योंकि PM के बयान ने हर भारतीय की संवेदनाओं को आहत किया । कुछ चुनिंदा ट्वीट्स यहाँ दिये जा रहे हैं -

सचित सेठ नाम से एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया, "भले ही हमारे देश में गोडसे, सावरकर, हेडगवार, गोलवलकर जैसे लोग थे लेकिन फिर भी मुझे भारतीय होने पर शर्म नहीं है "

@ascaniospread ने ट्वीट किया " जब हमारा प्रधानमंत्री गधों के साथ फोटो खिचवाता है और विदेशी अखबार उसकी खिल्ली उडाते हैं क्या बतायें साब बहुत शर्म आती है! #ModiInsultsIndia "


फ़हद ने ट्वीट किया, "इक़बाल ने 'सारे जहाँ से अच्छा...' 16 मई 2014 के बाद के लिए ही लिखा था. दुष्ट कांग्रेसियों ने इसका इस्तेमाल स्वतंत्रता आंदोलन में ही कर लिया "

गाँव वाला ने ट्वीट किया " मोदी जी, हमें भारतीय होने पर तो नहीं पर आपके PM होने पर शर्म आती है "


जोगिंदर रावत ने ट्वीट किया, "मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो विदेशी धरती पर भारतीय होते हए शर्म महसूस कर रहे हैं. जो भारतीय हैं उन्हें हमेशा भारतीय होने पर गर्व होता है "

आम जनता नाम के अकाउंट से ट्वीट किया गया, "मोदी जी मुझे भारतीय होने पर गर्व है, आप प्रधानमंत्री हों या ना हों "

Tuesday, 19 May 2015

राज्य अपने अधिकारीयों की नियुक्ति को स्वतंत्र : संविधान

दिल्ली में AAP सरकार और उपराज्यपाल में हुआ नया विवाद अधिकारों का नहीं है, विवाद है केंद्र में बैठी बीजेपी के इगो का, जो केजरीवाल को काम नहीं करने देना चाहती है । संविधान में साफ साफ लिखा है कि राज्य में अपने अधिकारीयों की नियुक्ति करने का अधिकार जनता द्वारा चुनी हुई राज्य सरकार का है, जिसमें केंद्र सरकार को कोई रोल नहीं है, पर बीजेपी तो दिल्ली में सरकार न बनने के कारण अब असंवैधानिक तरीके से सरकार चलाने पर आमदा है । जो कि लोकतन्त्र की हत्या है ।

यहाँ सवाल केजरीवाल, मोदी, नितीश, मुलायम, ममता का नहीं है । न ही किसी AAP, बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बीएसपी का है, यहाँ सवाल लोकतंत्र का है, अगर एक चुनी हुई सरकार अपने अधिकारियों की नियुक्ति, तैनाती और तबादले संबंधी फैसले नहीं कर सकती, तो उसकी प्रशासनिक जवाबदेही कैसे तय की जा सकती है ?
इस बार दिल्ली में नया विवाद कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति पर शुरू हुआ है । यह विवाद अब आप और नजीब जंग के बीच नाक की लड़ाई बन चूकी है । दिल्ली के मुख्य सचिव केके शर्मा के 10 दिन की छुट्टी पर चले जाने से  शकुंतला गैमलीन को कार्यवाहक मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपने का उपराज्यपाल के आदेश केजरीवाल सरकार को स्वीकार्य नहीं है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि राज्य में प्रशासनिक नियुक्तियों के मामले में उपराज्यपाल को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उपराज्यपाल का विवादित आदेश न तो पुलिस और न ही दिल्ली विकास प्राधिकरण से ताल्लुक रखता, जो महकमे केंद्र के अधीन हैं, उपराज्यपाल सिर्फ केंद्र से जुड़े पदों पर नियुक्तियों का अधिकार रखता है ।
इस बीच सरकार ने नौकरशाहों और अन्य आला अधिकारियों से कहा है कि सीएम और संबंधित मंत्री की अपू्रवल के बिना एलजी के आदेशों या निर्देशों को न माना जाए।


केजरीवाल ने गैमलिन पर 11 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के जरिए रिलायंस इंफ्रा की दो वितरण कंपनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा कि यदि गैमलिन द्वारा तैयार की गई फ़ाइल पर मंत्री साइन कर देते तो बिजली के दाम 2 से 3 गुणा बढ़ जाते, जो सीधे तौर पर रिलायंस की अन्य कंपनी BSES को फायदा पहुंचाते ।
मुख्यमंत्री केजरीवाल के भारी विरोध के बाद भी  उपराज्यपाल नजीब जंग ने शुक्रवार को गैमलिन की कार्यवाहक मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति कर दी थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उनसे नए पद का कार्यभार नहीं संभालने को कहा था। लेकिन गैमलिन ने उनके निर्देशों की अनदेखी करते हुए उपराज्यपाल के आदेश का पालन किया और पद संभाल लिया ।
इस बीच केंद्र और केजरीवाल विवाद में भाकपा ने आप का समर्थन किया और कहा कि केंद्र की राजग सरकार दिल्ली सरकार के अधिकार को कमतर करने के लिए उप राज्यपाल के कार्यालय का ‘औजार’ की तरह इस्तेमाल कर रही है। पार्टी महासचिव सुधाकर रेड्डी ने एक बयान में कहा, केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियां संविधान प्रदत्त हैं और मोदी सरकार को इन प्रावधानों का उल्लंघन करने का कोई अधिकार नहीं है ।

Saturday, 16 May 2015

जातिवादी रंग में रंगी वर्चस्व की लड़ाई

मीडिया में खबरें देखी कि मेड़ता सिटी के पास डांगावास गाँव में जाटों ने दलितों पर हमला किया, 3 की मौत । मेरी स्कूली शिक्षा मेड़ता में हुई क्योंकि मेरे पापा की पोस्टिंग वहीं थी । इसलिये मेरे उस क्षेत्र में अब भी बहुत से दोस्त हैं, तो फोन लगाया और पूछा कि भाई असल माजरा क्या है ? तो कुछ 5 - 7 दोस्तों से पूछने पर असल कहानी कुछ इस तरह निकल कर आयी -
1956 में चिमनाराम जाट के पुरखों ने रतनाराम और पांचाराम मेघवाल के पुरखों से जमीन खरीदी पर नियमों के चलते अभी तक चिमनाराम जाट SC/ST एक्ट की वजह से अपने नाम नहीं करवा सका, सिर्फ जुताई करता था । जमीन ज्यादा थी, 24 बीघा, तो लड़ाई कोर्ट में पहुँच गयी । जब वहाँ भी मामला न निपटता दिखा तो गाँव में सामूहिक बैठक करके उस जमीन को गौ-शाला के नाम करने का निर्णय लिया गया जो कि चावण्डिया रोड पर स्थित थी । इस बीच इस जमीन के लिये कई ज्ञापन आदि भी दिये गये SDM, कलेक्टर को पर कोई निबटारा नहीं हुआ । ये सब देख के जमीन के कागजिया मालिक रतनाराम मेघवाल ने उसपर पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया । जब जमीन के जुताइया मालिक चिमनाराम जाट को ये पता लगा तो इसने विरोध किया । इस विरोध के कारण मेघवाल ने अपने निर्माण कार्य की रखवाली के लिये कुछ लठैत बावरिये रख लिए, जिनके पास देशी दो नाली बन्दूकें भी थी ।
फिर वो दिन आया यानि कि 14 - मई - 2015, जब दोनों पक्षों ने गाँव में मिल बैठके मसला सुलझाने का निर्णय किया, सुबह 10 बजे मीटिंग रखी गई लेकिन मेघवाल पक्ष नहीं आया तो उसको बुलाने कुछ लोग गये । जब वो 11 बजे उस खेत में पहुंचे तो वहाँ बैठे बेवड़े लठैतों को लगा कि उनको मारने आये हैं तो उन्होंने फायरिंग कर दी । जो वहाँ एक लड़के रामपाल के सीने में लगी और वो वहीं खत्म हो गया । ये खबर आग की तरह फैल गयी और डांगावास और उसके आस पास के गांवों से भी ट्रैक्टर - ट्रॉलियों में भरकर कोई 500 - 600 जाट आ गये और वहाँ मौजूद रतनाराम मेघवाल को इतना पीटा कि मरे समान हो गया तो उसको मरा हुआ समझके वहीं पटक दिया, और बाकि 2 में से एक पांचाराम को कुल्हाड़ी से काट दिया और दूसरे पोकाराम की आँखों में लकड़ी डाल दी और फिर उन दोनों को बांधकर के उनपर ट्रेक्टर चढ़ाया गया और तब तक ऊपर से निकाला गया जब तक वो ढंग से रौंद न दिये गये हो । बाकि लोगों ने वहाँ मौजूद महिलाओं के कपड़े फाड़ कर नंगा कर दिया और बलात्कार की कोशिश भी की । इसके बाद वहाँ बने हुये मकान को तोड़ दिया गया और वो सामान उठा के दूसरी जगह ले गये ।
अब तक 2 बज चुके थे, और जमीन के कागजिया मालिक रतनाराम को मेड़ता के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया जहाँ उसका ईलाज शुरू हो चूका था पर उसके जिंदा होने की खबर दूसरे गुट को लग गयी थी तो वो वहाँ पहुँच गये ईलाज कर रहे डॉक्टर्स को भगा दिया । उसको अस्पताल से बाहर लाकर उसकी गर्दन तोड़ दी गयी । इस बीच वहाँ मौजूद पुलिस वालों को भी पीटा गया । जब तक नागौर स्थित जिला पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त जाब्ता नहीं आ गया तब तक मेड़ता थाने में तैनात पुलिसवालों की गाँव में घुसने की हिम्मत तक नहीं हुई । फिर पुलिस जाब्ता पहुंचा और धारा 144 लगानी पड़ी । इस बीच अन्य घायलों को JLN अस्पताल, अजमेर रैफर किया गया जिनको ले जाने वाली एम्बुलेन्स को पुलिस सुरक्षा देनी पड़ी ।



अब तक इस हत्याकांड में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और मीडिया इस वर्चस्व की लड़ाई को अगडों - पिछड़ों की लड़ाई बना चूका है, इसमें दोनों गुटों की बराबर गलती है लेकिन जाट संख्या में ज्यादा होने के कारण मेघवालों के लोग ज्यादा मारे गये और वो भी नृसंस तरह से । इस बीच जब मीडिया ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से हत्यारों की गिरफ्तारी के बारे में पूछा गया तो वो बोले " कोई ऐसा जादू तो नहीं है हमारे पास, कि तुरन्त आदमी को ढूंढ लें "

Sunday, 10 May 2015

माँ, आपके लिये एक दिन बहुत कम है

आज मदर्स डे है तो सब अपने - अपने हिसाब से मना रहे हैं पर पर ये उत्सव है, जो एक दिन मनाने वाला दिन नहीं है बल्कि ये तो पुरे साल चलने वाला है । एक दिन का भगवान बनाने से बेहतर है कि उसकी आप रोजाना सेवा करो । बस भगवान मत बनाओ, क्योंकि जब भी किसी को भगवान बनाया है तो वो अपनों से दूर होने का खामियाजा जरूर भुगतता है ।

मैं अपनी बताता हूँ कि मुझे माँ की याद सबसे ज्यादा तब आती थी जब मैं भूखा होता था, क्योंकि माँ हर समय खाने को पूछती थी । हाँ ऐसे भी मैं माँ को बहुत याद करता था पर सबसे ज्यादा तब जब मुझे उनकी जरूरत होती थी । इसके अलावा जब मैं कॉलेज में पढ़ने के लिये घर से दूर गया तो शुरू में हॉस्टल में रहा तो वहाँ मुझे खाना खाते समय माँ की याद आती थी, क्योंकि वहाँ का खाना ही इतना खराब होता था ।
कई बार माँ को काम करते देखता था तो उनकी इज्जत मेरी नजरों में बढ़ जाती थी । जैसे कि मैंने फिर हॉस्टल छोड़ा और किराये पर फ्लैट लेकर रहने लगा तो जब खाना बनाता था तो कभी हाथ जल जाता तो सोचता कि एक बार में इतना जलता है तो माँ का हाथ तो रोज जलता है फिर भी वो उफ्फ नहीं करती । फिर जब कपड़े धोने शुरू किये तब पता चला कि कितनी मेहनत करनी पड़ती है वरना हम तो सिर्फ माँ को बोल देते थे कि कपड़े धो दो ।
फिर एक बार जब माँ गैस जला रही थी तो उसने आग पकड़ ली । वो तो बचके बाहर आ गई पर मेरी चाची जी अंदर फंस गयी तो लोगों के लाख रोकने के बाद भी उनको बचाने के लिये जलते गैस सिलिंडर को बाहर घसीट ले आई । तब मेरे लिये मेरी माँ की इज्जत और बढ़ गयी ।

बाकि माँ के बारे में जितना कहूँ उतना कम है, जो लोग माँ को बोझ मानते हैं उनको इतना याद रखना चाहिए कि जो आपको पाल - पोसकर इतना बड़ा कर सकती है वो अपना जीवन तो गुजार ही सकती है । जब छोटा था तब मेरे गुरूजी ने कहा था " पुत्र, कुपुत्र हो सकता है पर माता कभी कुमाता नहीं हो सकती । " इसलिये हमें चाहिये कि हम गुरूजी के इस वक्तव्य को झूठा साबित करें ।

In this photo : My mom

Wednesday, 22 April 2015

गजेन्द्र भाई, आपकी मौत के जिम्मेदार हम हैं

" नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद "
" वसुंधरा राजे मुर्दाबाद "
" जमीन कब्जाओ बिल वापस लो
" भारत माता की जय "
" भारत माता की जय "

जैसे ही ये शब्द सुनें मैंने ऊपर पेड़ की तरफ देखा, वहाँ एक राजस्थानी गले में फंदा डाले भारत माता के जयकारे लगा रहा था, समय हुआ था 1.38 और कुछ देर नारे लगाने के बाद 1.39 पर उन्होंने फाँसी वाला सफेद गमछा गले में डाल लिया फिर अचानक पैर फिसला और उन्हें फाँसी लग गयी । शायद वो आत्महत्या नहीं करना चाहते थे, सिर्फ विरोध प्रकट कर अपनी और ध्यान आकर्षित कर रहे थे, जो कि उनका लिखा नोट " मुझे घर जाने का उपाय बतायें " भी यहीं इंगित करता है ( उनकी फ़ोटो भी देख सकते हैं जानने के लिये )  हम लोग वहीं सन्न रह गये, दिमाग चल ही नहीं रहा था ।
इस बीच कुछ वालंटियर्स ने मंच पर मौजूद लोगों को सुचना दी और मंच से कुमार विस्वास ने पुलिस वालों से उन्हें नीचे उतारने की अपील की लेकिन उनके कान पर कोई जूं नहीं रेंगी । मंच से कुमार विस्वास बार - बार पुलिसकर्मियों से उनको बचाने के लिये आगे आने की अपील करते रहे पर जब कोई नहीं आया तो उन्होंने AAP कार्यकताओं से उनको नीचे उतारने की अपील की । इस बीच भूपेन्द्र भाई सहित कुछ 2 - 3 साथी ऊपर चढ़े और उन्होंने उसके गले से फंदा निकाला लेकिन वो लोग गजेन्द्र भाई को संभाल नहीं सके और वो उनके हाथ से फिसल के नीचे आ गिरे । हालांकि हम लोगों ने निचे बिछाने वाली दरी तान रखी थी जिससे अगर वो गिरे तो चोट नहीं लगे, लेकिन जब वो गिरे तो लोगों के हाथो में पकड़ी दरी फट गयी और उनके सर में चोट लग गयी । तब तक 1.44 बज चुके थे, हमने उनको संभाला तो उनकी साँसे चल रही थी तो हमारे कुछ साथी उसको लेकर RM लोहिया हॉस्पिटल के लिये निकल गये । जो कि सिर्फ 3 KM की दूरी पर था, और 15-16 मिनट बाद वहाँ पहुँच गए थे और वहाँ पहुँचते ही डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और इस बीच आस - पास कोई भी पुलिस वाला नहीं फटका, न तो वहाँ मौजूद कोई पुलिसवाला उनको बचाने आया न ही उनको हॉस्पिटल ले जाने को आगे आया । इस पुरे प्रकरण को सिर्फ आम आदमी पार्टी ( AAP ) के कार्यकर्ताओं ने ही अपने लेवल पर हैंडल किया । लगभग 2.10 बजे तक जंतर - मंतर पर मौजूद साथियों तक ये खबर पहुँच चुकी थी । और तब मंच पर अरविन्द का भाषण चल रहा था । अग़र तब अरविन्द मंच नही सँभालते और कुछ नही बोलते तो शायद कार्यकर्ता भड़क जाते । अरविन्द ने हालात को संभाले हुए सबको शांत करया।
जब वो किसान नीचे गिरा तब उसकी साँसे चल रही थी मने जिंदा था तो उनको हॉस्पिटल रवाना कर दिया गया और सभा को जारी रखने का निर्णय लिया गया । और सोमनाथ भारती को हॉस्पिटल पहुँचने का आदेश दिया गया और यही वो वजह थी जिससे वहाँ विरोध दर्ज करवा रहे शिक्षकों ने भी अपना विरोध जारी रखा और जहाँ तक मेरा मानना है कि अगर किसी को थोड़ी सी भी भनक होती गजेन्द्र भाई की मौत की तब न तो आम आदमी पार्टी सभा जारी रखती और न ही वहाँ वो शिक्षक अपना विरोध जारी रखते । बाकि जो आरोप हैं वो सब राजनैतिक पार्टीयाँ  और मीडिया अपनी TRP बढ़ाने के लिये लगा रही है ।
ये सारी बात तो हुई गजेन्द्र भाई द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने के बाद भी आम आदमी पार्टी द्वारा सभा जारी रखने तक की । अब आगे बताता हूँ कि मैं इस सबमें कसूरवार क्यों हूँ ?
जब सुबह हम लोग बाबरपुर विधानसभा के साथियों के साथ जंतर - मंतर पहुँचे तो कौतूहलवश मैं सीधा सभा स्थल पर गया और देखा कि वहाँ लोगों में जबरदस्त माहौल था और सभी साथी बहुत उत्साहित थे । इस बीच राजस्थानी पगड़ी पहने और दाड़ी - मूँछ वाला एक आदमी, जिसके एक हाथ में एक डंडा था जिसके एक सिरे पर झाड़ू बंधी हुई थी और दूसरे हाथ में AAP का एक झंडा हाथ में लिये हुए था, मेरे पास से गुजरा और पेड़ तरफ बढ़ा और चढ़ने लगा । मुझे ये भाईसाहब बड़े ही उत्साही कार्यकर्ता लगे । फिर नीम के पेड़ पर चढ़ गये और ऊपर जाके एक कटी हुई डाली पर बैठ गये और नीचे खड़े हम लोगों की तरफ उन्होंने झाड़ू लहराई । मैंने भी जवाब में हाथ हिलाया । उनका पेड़ पर चढ़ना मुझे बिल्कुल भी नहीं अखरा क्योंकि आज तक हमारी जितनी भी सभायें हुई थी तो उसमें लोग पार्टी नेताओं को सुनने के लिए वहाँ लगे पेड़ों पर चढ़ जाते थे । और इसके बाद जब मुझे कुछ मित्र मिले तो उनसे मिलने के लिए उस पेड़ के सामने एक भवन में चला गया और इस दौरान राजस्थान से आये बाकि साथियों से भी मिला और मिलने के बाद फिर मंच पर मौजूद वक्ताओं को सुनने के लिये उस पेड़ के सामने आया । फिर अरविन्द जी 1.30 बजे मंच पर आ गये थे और कुमार विस्वास ने माइक संभाल लिया और फिर 1.38 बजे गजेन्द्र भाई नारे लगाने लगे और इसके बाद ऊपर लिखा हुआ वाकया घटित हुआ ।

NDTV की एक रिपोर्ट है, जिसको मै आपके साथ शेयर करना चाहता जो आपको बतायेगी कि उस समय मंच पर क्या चल रहा था जब ये सारा वाकया घटा ।आप भी देखिये कैसे AAP को बलि का बकरा बनाया जा रहा है मीडिया द्वारा । इस बीच मीडिया जिन लोगों को तालियाँ बजाते दिखा रही है वो लोग वहाँ विरोध करने आये शिक्षक थे, जो बिल्कुल उस पेड़ के नीचे ही थे ।
अंत में लानत भेजता हूँ पुलिस ( तमाशबीन बनने के लिये ), मीडिया ( पुलिस द्वारा सहायता न करने पर इन्हीं AAP नेताओं के कहने पर वालंटियर्स ने गजेन्द्र भाई को उतारा, इसके लिये तारीफ की जगह आलोचना करने के लिये ) और नेताओं ( बजाय समस्या को खत्म करने के, इसे आज तक सिर्फ वोट बैंक बनाकर रखने के लिये ) पर ।

गजेन्द्र भाई आपकी आत्मा को शांति मिले और ऊपरवाला आपके परिवार को इस दुःख की घड़ी से उबरने की शक्ति दे ।

Saturday, 18 April 2015

Android Smartphone Codes, जो आपको स्मार्ट यूजर बना देंगे

आजकल सभी के पास स्मार्टफोन हैं लेकिन मैं यहां आपको कुछ चुनिंदा कोड न. दे रहा हूँ जो आपको भी स्मार्ट बना देंगे । ये कुछ कोड हैं जो एंड्रायड प्‍लेटफार्म को आपके लिए बहुत ही उपयोगी बनाते हैं, इनको डायल करने से आपके फोन से जुडी कई जानकारी आप सेकण्ड्स में पा सकते हो वो भी बिना सेटिंग्स में जाये । ये कोड कोई साधारण कोड नहीं है बल्‍कि एक तरह के शार्टकट कोड है जिनकी मदद से आप बस ये कोड डॉयल करके सीधे फोन से जुड़ी जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। तो पेश हैं वो विभिन्न कोड्स, जिनसे आप अपने एंड्रॉयड फोन में कई चीजें जान सकते हैं -

👉  अगर आप अपने मोबाइल का रेडिएशन चेक करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने मोबाइल से *#07# डायल करना होगा । आप जैसे ही यह नंबर डायल करेंगे आपके स्क्रीन पर रेडिएशन वैल्यू आ जायेगी। इंटरनेशनल एवं नेशनल मानक के मुताबिक मोबाइल फोन का रेडिएशन लेवल 1.6 वाट/किलो से अधिक नहीं होना चाहिए, इससे ज्यादा आया तो समझिये आप खतरे में हैं ।

👉  एंड्रॉयड मोबाइल का IMEI नंबर पता करना है, तो *#06# कोड डायल करें ।

👉  अपने एंड्रॉयड फोन की रैम के बारे में जानकारी पाने के लिए हैंडसेट में कोड *#*#3264#*#* डॉयल करें।

👉  फोन के सर्विस मेन्यू में जाना चाहते हैं, तो कोड *#0*# डायल करें ।

👉  एंड्रॉयड फोन का बैटरी स्‍टेट्स चेक करने के लिए *#0228# कोड डायल करें ।

👉  फोन को सर्विस मोड में करने के लिए कोड *#9090# डायॅल करें।

👉  फोन में बैटरी यूज या डिवाइस से संबंधित जानकारी चाहिए, तो कोड *#*#4636#*#* डायल  करें।

👉  अपने फोन कैमरा से जुड़ी जानकारी पाने के लिए एंड्रायड फोन से कोड  *#*#34971539#*#* डायल करें।

👉  सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर की जानकारी के लिए कोड *#12580*369# डायल करें।

👉  फोन और बैटरी की सारी जानकारी देखने के लिए  कोड : *#*#4636#*#*

👉  फोन को फुल फार्मेट करने के लिए कोड : *2767*3855#

👉  जीटॉक सर्विस स्‍क्रीन में देखने के लिए कोड : *#*#8255#*#*

👉  कॉल को इंड करने के लिए कोड : *#*#7594#*#*

👉  फोन का बैकप लेने के लिए कोड : *#*#273283*255*663282*#*#*

👉  जीपीएस टे‍स्‍टिंग करने के लिए कोड : *#*#232331#*#*

👉  ब्‍लूटूथ टेस्‍ट करने के लिए कोड : *#*#232337#*#*

👉  वॉयरलेस लेन टेस्‍ट के लिए : *#*#232339#*#*

👉  बैकलाइट/वाइब्रेशन टेस्‍ट : *#*#0842#*#*

👉  टच स्‍क्रीन टेस्‍ट के लिए : *#*#2664#*#*

👉  फोन लॉक स्‍टेट्स चेक करने के लिए : *#7465625#

👉  सिस्‍टम डम्‍प मोड में रखने के लिए : *#9900#

👉  यूएसबी लॉगइन कंट्रोल करने के लिए : *#872564#

👉  HSDPA/HSUPA कंट्रोल मेनू : *#301279#

👉  सभी मीडिया फाइलों का बैकप लेने के लिए : *#*#273282*255*663282*#*#*

👉  फैक्‍ट्रीडेटा रीसेट करने के लिए : *2767*3855#

👉  फैक्‍ट्री डेटा रीसेट करने के लिए कोड : *#*#7780#*#*

तो आप भी काम में लीजिये और साथियों को भी बतायें जिससे आप और आपके साथी भी स्मार्ट यूजर बनें

डॉ कलाम को श्रद्धांजलि

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam ) का जन्म 15 October 1931 को तमिलनाडु के Rameswaram में हुआ । इन्होंने 1960 ...