Tuesday, 27 November 2012

उपयोगी जानकारी......कृपया सभी भारतीयों तक पहुंचा दें।

1. यदि आप भारत में कहीं भी बच्चों को भीख मांगते देखते
हैं, तो कृपया संपर्क करें:
"RED SOCIETY" 9940217816 पर . ये उन बच्चों की पढाई में मदद करेंगे।

2. यदि आप को रक्त की जरूरत है तो इस वेबसाइट पर जाएँ , आपको रक्तदाताओं का पता मिल जाएगा.
http://www.friendstosupport.org/

3. हैंडिकैप्ड / शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों के लिए नि: शुल्क शिक्षा और नि: शुल्क छात्रावास संपर्क: - 9842062501 और 9894067506.

4. अगर किसी को आग दुर्घटना या उनके कान में समस्याओं के साथ पैदा हुए लोगों की, नाक और मुंह मुफ्त प्लास्टिक
सर्जरी Kodaikanal PASAM अस्पताल द्वारा किया जाता हैं. सब कुछ मुफ्त है. संपर्क: 045420-240668,245732
"Helping Hands are Better than Praying Lips"

5. यदि आपको ड्राइविंग लाइसेंस की तरह किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पास बुक, आदि, कहीं सडक पर पड़े मिले तो डाक बक्से में डाल दें . भारतीय पोस्ट द्वारा उसके
मालिक के पास पहुंचा दिया जाएगा.

6. बच्चों (0-10 वर्ष) के लिए मुफ्त हार्ट सर्जरी Sri Valli Baba Institute Bangalore बंगलोर संपर्क करें . संपर्क करें: 9916737471

7. रक्त कैंसर के लिए चिकित्सा! 'Imitinef Mercilet' एक दवा है जो रक्त कैंसर के इलाज के लिए है "Adyar Cancer Institute in Chennai" में यह दावा मुफ्त उपलब्ध हैं. Create Awareness. It might help someone. "Adyar Cancer Institute in Chennai" श्रेणी: कैंसर
पता: East Canal Bank Road , GandhiNagar ,Adyar
Chennai -600020
Landmark: Near Michael School
Phone: 044-24910754 044-24910754 ,
044-24911526 044-24911526 ,
044-22350241 044-22350241

8. भोजन की बर्बादी न करे ...संपर्क करें यदि आप के यहाँ एक समारोह / अपने घर पर पार्टी है और खाना बर्बाद हो रहा है , तो +1098 (केवल भारत में) कॉल करने में संकोच न करें हैं - यह एक मजाक नहीं है, यह चाइल्ड हेल्पलाइन का नंबर है. वे आयेंगे और आपके यहाँ से भोजन एकत्रित करेंगे. जो कई गरीब बच्चों तक पहुंचाएंगे

कृपया इस संदेश को प्रसारित करने में मदद करें .......

और SHARE करें ताकि आपके
मित्रों को भी यह पढ़ने को मिलें।
धन्यवाद।


Monday, 26 November 2012

कुछ याद उन्हें भी कर लो... जो लौट के घर न आए..!!

They did not attack your house...
They didn't shoot at you...
They didn't blast your hang out place...
BUT, How can you forget ???
They Shot right in the heart of your MOTHERLAND !!
All the bullets were meant for our innocent brothers &
sisters...
We Condemn the 26/11 Mumbai Attack...
Some fought for our safety...
Some lost their lives for us...
Some did not return...
To keep us SAFE !!
Let's remember the innocent victims & brave martyrs...
Let's lite a candle & spread the light of hope that
someday this will get over...
Let's "Fight Terror, Together..."
Never forget, never forgive
Jai hind


Saturday, 24 November 2012

केजरीवाल की पार्टी का नाम 'आम आदमी पार्टी'

     राजनीति के दंगल में उतर चुके अरविंद केजरीवाल की राजनैतिक पार्टी का नाम 'आम आदमी पार्टी' होगा। हालांकि पार्टी को औपचारिक तौर पर 26 नवंबर सोमवार को जंतर-मंतर से ही लॉन्च किया जाएगा। इस दौरान संगठन के संविधान को भी मंजूरी दी गई।

सूत्रों ने कहा कि करीब 300 संस्थापक सदस्यों की बैठक कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई। इस दौरान केजरीवाल ने पार्टी के नाम का प्रस्ताव दिया, जिसे अन्य सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी के संविधान को भी स्वीकार किया गया। मयंक गांधी ने इसका प्रस्ताव दिया, जिसका चंद्रमोहन ने समर्थन किया। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के केजरीवाल की इच्छा के मुताबिक राजनीतिक रूप लेने के सवाल पर अन्ना हजारे के साथ मतभेद के बाद पार्टी का गठन हुआ है।

अगस्त में अनशन के दौरान हजारे और केजरीवाल ने यह कहते हुए आंदोलन समाप्त कर दिया कि देश को कांग्रेस और बीजेपी का राजनीतिक विकल्प मुहैया कराने के लिए वे काम करेंगे। बहरहाल हजारे और केजरीवाल ने पार्टी बनाने को लेकर हुए मतभेद के बाद 19 सितम्बर को अपने रास्ते अलग कर लिए। हजारे अपने रुख पर कायम रहे कि आंदोलन को गैर-राजनीतिक रहना चाहिए।

केजरीवाल ने 2 अक्टूबर को पार्टी के गठन की घोषणा की थी और कहा था कि आधिकारिक रूप से इसे 26 नवम्बर को शुरू किया जाएगा। इसी दिन 1949 को संविधान को अंगीकार किया गया था। बैठक से पहले केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी, महिलाएं, बच्चे उनकी पार्टी का गठन कर रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा, वे नेता नहीं हैं। वे नेताओं से उब चुके हैं। ये वे लोग हैं, जो भ्रष्टाचार और महंगाई से उब चुके हैं। इसलिए आम आदमी ने उन्हें चुनौती देने का फैसला किया है। अब आम आदमी संसद में बैठेगा। उन्होंने कहा, पार्टी की दृष्टि स्वराज है। लोगों को 'राज' मिलना चाहिए। उस दृष्टि को अंतिम रूप दिया जाएगा। 25-30 मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन सभी मुद्दों को पार्टी द्वारा पहले उठाए जाने की आवश्यकता है। समितियां गठित की जाएंगी। वे चार से पांच महीने में मसौदा तैयार करेंगी। देशभर में चर्चा की जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी में एक परिवार के वर्चस्व के खिलाफ प्रावधान होंगे।

Official website of AAM AADMI PARTY

http://www.aamaadmiparty.org/



Wednesday, 21 November 2012

26/11 के आतंकवादी कसाब को फांसी

 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में दस चरमपंथियों ने हमला किया. इस हमले में 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए. दस हमलावरों में बस एक अजमल कसाब ही जिंदा पकड़ा जा सका. अजमल कसाब को 21 नवंबर, 2012 को पुणे के यरवडा जेल में सुबह साढ़े सात बजे फांसी दे दी गई.
हमले से लेकर कसाब को फांसी दिए जाने तक का पूरा घटनाक्रम पढ़िए...

26 नवंबर, 2008:अजमल कसाब और नौ आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला किया. हमले में 166 लोग मारे गए.
27 नवंबर, 2008:अजमल कसाब गिरफ़्तार.
30 नवंबर, 2008: कसाब ने पुलिस हिरासत में गुनाह कबूल किया.
27-28 दिसंबर, 2008:कसाब की पहचान परेड हुई.
13 जनवरी, 2009:एमएल तहलियानी को 26/11 मामले में विशेष जज नियुक्त किया गया.
16 जनवरी, 2009:ऑर्थर रोड जेल को कसाब का ट्रायल के लिए चुना गया.
22 फरवरी, 2009:उज्जवल निकम को सरकारी वकील नियुक्त किया गया.
25 फरवरी, 2009:मेट्रोपॉलिटिन कोर्ट में कसाब के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल.
1 अप्रैल, 2009:विशेष अदालत ने अंजलि वाघमारे को कसाब का वकील नियुक्त किया गया.
20 अप्रैल, 2009:कसाब को 312 मामलों में आरोपी बनाया गया.
29 अप्रैल, 2009:विशेषज्ञों की राय पर अदालत का फ़ैसला, कसाब नबालिग नहीं है.
6 मई, 2009:कसाब पर 86 आरोप तय किए गए, कसाब का आरोपों से इनकार.
23 जून, 2009:हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी समेत 22 लोगों के ख़िलाफ़ गैर- जमानती वारंट जारी.
16 दिसंबर, 2009:अभियोजन पक्ष ने 26/11 मामले में जिरह पूरी की.
9 मार्च, 2010:अंतिम बहस शुरू हुई.
31 मार्च, 2010:फ़ैसला 3 मई के लिए सुरक्षित रखा गया.

26/11 हमले के एकमात्र जिंदा हमलावार के तौर पर पकड़े गए थे कसाब
3 मई, 2010:कोर्ट ने कसाब को दोषी ठहराया, सबाउद्दीन अहमद और फहीम अंसारी आरोपों से बरी.
6 मई, 2010:कसाब को विशेष अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई.
18 अक्टूबर, 2010:बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू. कसाब की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी.
19 अक्टूबर, 2010:कसाब ने निजी तौर पर अदालत में हिस्सा लेने की मांग की.
21 अक्टूबर, 2010:कसाब ने निजी तौर पर अदालत में हिस्सा लेने की बात अपने वकील से दुहराई.
25 अक्टूबर, 2010:हाई कोर्ट के न्यायाधीशों ने सीसीटीवी फ़ुटेज देखी.
27 अक्टूबर, 2010:वकील उज्जवल निकम ने निचली अदालत द्वारा दी गई कसाब की मौत की सज़ा को सही ठहराया.
29 अक्टूबर, 2010:उज्जवल निकम के मुताबिक कसाब ने अदालत को गुमराह करने की कोशिश की.
19 नवंबर, 2010:निकम ने अदालत को बताया कि 26/11 के हमलावर देश में मुसलमानों के लिए अलग राज्य चाहते थे.
22 नवंबर, 2010:निकम ने कसाब को झूठा और साजिशकर्ता बताया.
23 नवंबर, 2010:हाई कोर्ट के न्यायाधीशों ने एक बार फिर सीसीटीवी फ़ुटेज देखी.
24 नवंबर, 2010:निकम का हाईकोर्ट में तर्क- निचली अदालत ने कसाब के इकबालिया बयान को स्वीकर करने में गलती की थी.
25 नवंबर, 2010:कसाब के वकील अमील सोलकर ने जिरह शुरू की. निचली अदालत की कार्यवाही को ग़लत ठहराते हुए दोबारा ट्रायल की मांग की.
30 नवंबर 2010:सोलकर ने तर्क दिया कि कसबा के खिलाफ़ “देश के खिलाफ़ युद्ध छेड़ने के आरोप नहीं बनते.”
2 दिसंबर 2010:बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि कसाब पाकिस्तान से कश्ती से नहीं आया था क्योंकि कश्ती में सिर्फ़ दस व्यक्ति ही आ सकते हैं.
3 दिसंबर 2010:उसके वकील का तर्क था कि कसाब को फंसाने के लिए पुलिस ने झूठी कहानी बनाई.
5 दिसंबर 2010:बचाव पक्ष के वकील सोलकर ने तर्क दिया कि सबूतों को दबा दिया गया है. सिर्फ़ कुछ सीसीटीवी फुटेज अदालत में दिखाई गई.
6 दिसंबर 2010:सोलकर ने फुटेज में दिखी तस्वीरों को ग़लत बताया.
7 दिसंबर 2010:कसाब ने पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे और दो अन्य पुलिस अधिकारियों की हत्या से इनकार किया. उसके वकील का तर्क था कि मारे गए पुलिस अधिकारियों के शरीर में मिली गोलियां कसाब की राइफल से मैच नहीं होती.
8 दिसंबर 2010:सोलकर का कहना था कि पुलिस ने गिरगाम चौपाटी में 26 नवंबर 2008 को झूठी मुठभेड़ का नाटक करके कसाब को फंसाया है. साथ ही मौके पर कसाब की मौजूदगी से इनकार करते हुए उसकी गिरफ़्तारी को ग़लत बताया.
9 दिसंबर 2010:कसाब के वकील ने उसके खिलाफ़ पेश किए गए सबूतों को कमज़ोर बताते हुए पुलिस अधिकारी करकरे को मारे जाने से इनकार किया.
10 दिसंबर 2010:कसाब के वकील ने निचली अदालत में रखी कश्ती का निरीक्षण किय और उस कश्ती को 10 व्यक्तियों के आने के लिए नाकाफ़ी बताया और दावा किया कि अभियोजन पक्ष का दावा ग़लत है.
13 दिसंबर 2010:कसाब ने खुद को किशोर होने की दलील देते हुए अदालत से अपने मानसिक हालत के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों के एक पैनल की नियुक्ति करने का आग्रह किया.
14 दिसंबर 2010:अदलात ने कसाब की मांग को खारिज कर दिया.
21 दिसंबर 2010:अदालत ने 26/ 11 के मामले में फ़हीम अंसारी को बरी किए जाने के खिलाफ़ राज्य की अपील सुनी.
22 दिसंबर 2010:सरकारी वकील निकम ने तर्क दिया कि निचली अदालत ने फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी करने में ग़लती की थी.
21 फ़रवरी 2011:बॉम्बे हाईकोर्ट ने कसाब पर निचली अदालत के फ़ैसले को सही ठहराया और उसकी अपील खारिज कर दी. मुंबई हमलों के मामले में फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी कर दिया गया.
29 जुलाई 2011:कसाब ने फांसी की सज़ा के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की.
10 अक्तूबर 2011:सुप्रीम कोर्ट ने कसाब की फांसी की सज़ा पर रोक लगाई.
31 जनवरी 2012:सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरु हुई. कसाब का पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन को अदालत का मित्र यानी एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया.
25 अप्रैल 2012:कसाब की अपील पर कोर्ट ने सुनवाई पूरी की और फैसला सुरक्षित रखा.
28 अगस्त 2012:मुंबई हमले के दोषी आमिर अजमल कसाब को फांसी की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने बरक़रार रखा. फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के बॉम्बे हाईकोर्ट की रिहाई के फ़ैसले को भी बरक़रार रखा है. इन दोंनो पर भारत से मुंबई हमलावरों को मदद करने का आरोप था.
16 अक्तूबर 2012:राष्ट्रपति के सामने दया के लिए भेजी गई कसाब की अर्ज़ी गृहमंत्रालय ने ख़ारिज की और अपनी सिफ़ारिश राष्ट्रपति को भेजी.
5 नवंबर 2012:राष्ट्रपति ने कसाब की दया याचिका ख़ारिज की.
7 नवंबर 2012:केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने फ़ाइल पर दस्तख़त किए.
8 नवंबर 2012:कसाब को मौत की सज़ा दिए जाने की फ़ाइल महाराष्ट्र सरकार को भेजी गई. इसी दिन महाराष्ट्र सरकार ने 21 नवंबर को मौत की सज़ा देने का फ़ैसला किया.
21 नवंबर 2012:कसाब को सुबह 7:30 बजे फांसी दी गई.



साभार : BBC हिंदी सेवा

Tuesday, 20 November 2012

हमारी जरुरतें

देश में समस्या इतनी ज्यादा इसलिए है क्युकि अच्छे लोग चुप है,, और भ्रष्ट लोगो को न जनता का डर है न किसी कानून का,,
जब तक ऐसे भ्रष्ट लोग संसद में है तब तक कड़े कानून बन नहीं सकते,, आज संसद में 163 सांसद दागी है,, इनसे क्या उम्मीद कर सकते है???
आज पार्टियों के अंदर खुद लोकतंत्र नहीं है,, देश का तंत्र केसे ठीक करेगी,, कुछ चीजे हो जाये तो स्थिति बहुत कुछ सुधर सकती है,,
1. पार्टी फंड के नाम पर मिलने वाले चंदे को ऑनलाइन किया जाये,
2. मजबूत लोकपाल/लोकायुक्त बिल
3. CBI सरकारी तंत्र से मुक्त हो,,
4. त्वरित न्याय व्यवस्था/न्यापालिका से जुड़ा बिल
5. राईट टू रिजेक्ट बिल / राईट टू रीकाल बिल
6. कड़े चुनाव सुधार बिल (किसी दागी को टिकट ही न मिल सके)
7. अनिवार्य मतदान/ ऑनलाइन वोटिंग
इन सुधारों के लिए हमें लड़ना पड़ेगा, सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े तो वहाँ जायेगे,, संसद/सांसदों का घेराव करना पड़ा तो वो करेगे,, रोड पर उतरकर अपना हक मांगेगे.. हमें ये कानून चाहिए
और हमे मालुम है की कोई भी पार्टी हमारी ये जरूरत पूरी नही करेगी..इसीलिए मैं अरविन्द भाई के राजनतिक विकल्प का समर्थन करता हूँ
.
और आप  ?????

Sunday, 18 November 2012

परीक्षा

क्या आप जानते है ? कलक्टर परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? पुलिस अधीक्षक परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? डॉक्टर भी परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? न्यायधीश भी परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? सेना का सेनाध्यक्ष भी परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? देश के वरिष्ट वैज्ञानिक भी परीक्षा के बाद बनता है !

क्या आप जानते है ? देश का हर कर्मचारी किसी भी परीक्षा के बिना नहीं बनते !

मगर ऐसा क्यूँ आप जानकर भी चुप है ? आँखों से पर्दा हटाओ और मशाल जलाओ ऐ वतन तेरे हवाले

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देश की बागडोर अनपढो के हाथ में क्यूँ ?
जवाब दो ?

1. गाँव वार्ड सदस्य
2. गाँव का सरपंच
3. डेलिकेट
4. प्रधान
5. विधानसभा का विधायक
6. नगर पालिका का पार्षद
7. नगर पालिका का अध्यक्ष
8. नगर निगम का अध्यक्ष
9. संसद के सदस्य
10.लोक सभा के सदस्य
11.यहाँ तक मंत्री भी
12.प्रधानमंत्री का यही हाल है
13 राज्य का मुख्यमंत्री

जवाब दो इनकी परीक्षा क्यूँ नहीं ली जाती ?

देश का रक्षा मंत्री क्या सेना में था ?

देश का सवास्थ्य मंत्री क्या डॉक्टर है ?

देश का शिक्षा मंत्री क्या अध्यापक था ?


आप कहने को बहुत ज्यादा बड़े है - शेरजंग गर्ग्

आप कहने को बहुत ज्यादा बड़े हैं।
असलियत ये है मचानों पर खड़े हैं।

ख़ास कन्धा दास चन्दा रास धन्धा
एक अन्धे दौर के सिर पर चढ़े हैं।

कीजिए झट कीजिए इनकी नुमाइश
आपके आदर्श फ्रेमों में जड़े हैं।

कोई सच्चाई यहाँ टिकती नहीं है
क्रंती के वक्तव्य क्या चिकने घड़े हैं।

हर किसी में दम नहीं इसको नभाए
आदमीयत के नियम खासे कड़े हैं।

वो लड़ेंगे क्या कि जो खुद पर फ़िदा हैं
हम लड़ेंगे हम ख़ुदाओं से लड़े हैं।

In this pic - Jitendra Puniya


डॉ कलाम को श्रद्धांजलि

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam ) का जन्म 15 October 1931 को तमिलनाडु के Rameswaram में हुआ । इन्होंने 1960 ...